चुनावी स्याही क्या है ये क्यों नही मिटती है?

दोस्‍तो आज कल चुनाव का मौसम चल रहा है और हर पार्टी अपना अपना प्रचार करने में लगी है, की उनकी पार्टी को वोट दे। अगर उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है तो आपको भी वोट जरूर देना चाहिए क्योंकि ये आपका अधिकार हो नही बल्कि जिम्मेदारी भी है।

चुनावी स्याही क्या है ये क्यों नही मिटती है?
अगर आप ये जानना चाहते है कि किसी ने वोट दिया है या नही तो ये जानने का सबसे अच्छा तरीका है उसकी ऊँगली पर लगी स्याही। आप ये तो जानते होंगे की जब कोई वोटर वोट देने जाता है तो उसकी ऊँगली पर एक खास तरह की स्याही लगा दी जाती है जिसे पानी या साबुन से मिटाया नही जा सकता है, और ये फर्जी वोट से बचने के लिए लगायी जाती है। लेकिन क्या आप ये जानते है ये स्याही क्या होती है और ये उतनी आसानी से मिटती क्यों नही है।(क्रेडिट कार्ड क्या है? क्रेडिट कार्ड के फायदे और नुकसान)

भारत के आजाद होने के बाद जब पहली बार हमारे देश में चुनाव (Election)  हुए थे तो उस समय वोट डालने के बाद ये स्याही नही लगायी जाती थी। लेकिन फिर लोगो ने इसका गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया था और चुनाव आयोग को फर्जी वोटों की शिकायत आने लगी थी। इस समस्या से निपटने के लिए चुनाव आयोग को ऐसी स्याही का विचार आया जिसे आसानी से न मिटाया जा सके।

इसके लिए चुनाव आयोग ने नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी ऑफ इंडिया ( एनपीएल ) से एक ऐसी स्याही बनाने के लिए कहा जिसे पानी, साबुन या किसी रसायन (Chemical) से मिटाया नही जा सके, और फिर नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी ऑफ इंडिया ( एनपीएल ) ने ऐसी स्याही बनाई जिसे आसानी से नही मिटाया जा सकता था। What Is Election Ink And Why Does It Not Erase Easily !!

इसके बाद नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी ऑफ इंडिया यानि की NPL ने  मैसूर पेंट एंड वार्निश कंपनी को ये स्याही  बनाने का ऑर्डर दिया। आपको बता दे की इस स्याही का पहली बार इस्तेमाल साल 1962 के चुनावों में किया था, और उस समय से अब तक इसी स्याही को उपयोग किया जा रहा है। आपको बता दे की दुनिया के कई देशों में इस स्याही का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारत में होता है।(NDA और UPA क्या है? )

चुनावी स्याही आसानी से क्यों नही मिटती?

अपने देखा होगा की ये  स्याही को आप कितना भी मिटाने की कोशिश करे ये नही मिटती है। तो आपको बता दे की इस में सिल्वर नाइट्रेट होता है, जिसकी वजह से ये स्याही फोटोसेंसिटिव नेचर की बन जाती है मतलब ये प्रकाश से प्रभावित हो जाती है। जब ये स्याही धुप के संपर्क में आती है तो और भी ज्यादा पक्की हो जाती है, साथ ही आपको बता दे की जब ये स्याही लगाई जाती है तो भूरे रंग की होती है लेकिन लगाने के कुछ देर बाद ये बैगनी रंग की हो जाती है।

जब ये स्याही आपके ऊँगली पर लगाई जाती है तो इस स्याही में पाया जाने वाला सिल्वर नाइट्रेट हमारे शरीर में पाए जाने वाले नमक के साथ मिलकर सिल्वर क्लोराइड बनाता है, और ये सिल्वर क्लोराइड पानी में नही घुलता साथ ही हमारी त्वचा (Skin) में बना रहता है। बता दे की इसे पानी, साबुन या किसी रसायन से साफ़ नही किया जा सकता है, इसका जो निशान होता है वो तभी निकलता है जब त्वचा की कोशिकाएं पुरानी होती जाती है और वे हटाने लगाती है।

चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही बहुत जल्द सुख जाती है और जैसे ही ये स्याही ऊगली पर लगती है वैसे ही ये अपना निशान छोड़ देती है। तो अब आपको अच्छे से समझ आ गया होगा की चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही क्या होती है और ये क्यों नही मिटती है। आशा करते है आपको ये आर्टिकल पसंद आयेगा, आर्टिकल पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे…..धन्यवाद

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