मसूड़ों की ये बीमारी कहीं आपको तो नहीं?

कई लोगों को मसूड़ों से खून आने की समस्या होती है, जिसे वे गंभीरता से नहीं लेते. अगर आपको भी इस तरह की समस्या हो तो इसे नजरअंदाज कतई न करें. मसूड़ों से खून आने के कई कारण हो सकते हैं जो आगे जाकर किसी गंभीर बीमारी का रूप भी ले सकते हैं.

क्या है मसूड़ों की बीमारी ?

इस बीमारी के कई चरण होते हैं. शुरूआती चरण को जिंजिवाइटिस कहते हैं. इस दौरान मसूड़ों में सूजन आ जाती है और उनसे खून बहने लगता है. खून ब्रश या फ्लॉस करते समय या फिर यूँ ही निकल सकता है. डॉक्टर से मसूड़ों की जाँच कराते वक्‍त अगर खून बहता है तो यह भी जिंजिवाइटिस का लक्षण हो सकता है.

इस बीमारी का अगला चरण है परिदंतिका (पेरिओडोन्टाइटिस). इसमें दाँतों को मज़बूती देनेवाली चीज़ें जैसे, मसूड़ों के ऊतक (टिशु) और हड्डियाँ खराब होने लगते हैं! शुरू-शुरू में इसका पता नहीं चलता. जब यह पूरी तरह फैल जाती है, तभी मालूम होती है.

मसूड़ों की ये बीमारी कहीं आपको तो नहीं?
मसूड़ों की ये बीमारी कहीं आपको तो नहीं?

अगर जिंजीवाइटिस का इलाज नही किया जाए तो यह प्रोडोन्टिटिस नामक बीमारी को बढा सकता है और दांत और जबड़े के स्थायी नुकसान का कारण बन सकता है.

क्या होते हैं लक्षण?

(1) लाल होना, फूलना या सूजन आ जाना – अगर आपके मसूड़े लाल हो जाते है तो इसको आप हल्के में बिल्कुल ना लें. लाल होना, फूलना या सूजन आ जाना. ये सब मसूड़ों की बीमारी होने के संकेत है. ऐसे में अगर आपने जल्द से जल्द इलाज नहीं करवाया तो आपको काफी समस्याएं हो सकती है.

(2) ब्रश करते समय खून आना – अगर आपको ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आता है तो ये आपके मसूड़ों के बीमारी होने के शुरुआती लक्षण है. ब्रशिंग और फॉलिशिंग करते हुए मसूड़ो से खून आना इससे इसकी पहचान कर सकते है.

(3) दातों का लम्बा दिखाई देना – अगर अचानक से आपके दांतो में परिवर्तन आ रहा है तो आपको आपके दांतो का लम्बा दिखाई देना,क्योंकि आपके मसूड़े परावृत्त हो जाते है. इसे हम मसूड़ों की बीमारी के लक्षण कह कह सकते है. इसका इलाज करना जरूरी है.

(4) मसूड़ों का अलग दिखाई देना – अगर आपके दांत आपके मसूड़ो के दांतो से अलग हुए या खिंचे हुए दिखाई दे रहे है तो ये भी इसके लक्षण हो सकते है. इसलिए इसका इलाज करना बेहद जरूरी है.

(5) पस (मवाद) आ जाना – अगर आपके दांतों में दर्द है और उनके बीच में पस आ जाता है तो ये समय लापरवाही का नहीं है. आपको इसका इलाज कराना चाहिए. ये मसूड़ों की बीमारी के लक्षण है.

(6) सांसों में बदबू – अगर आपको सांस लेते समय कोई कही कि आपके मुंह से बदबू आ रही है तो ये आपके दांतों की बीमारी के संकेत है. इसका इलाज कराया जाना चाहिए.

मसूड़ों की बीमारी का आप पर और भी बुरा असर हो सकता है ! इससे मुँह में दर्द हो सकता है या दाँत टूट सकते हैं जिससे न तो आप खाना ठीक से चबा पाएँगे, न ही उसका मज़ा ले पाएँगे ! आपकी बातचीत और शक्ल-सूरत पर भी असर पड़ सकता है ! खोजबीन यह भी दिखाती है कि अगर दाँत और मसूड़े तंदुरुस्त न हों, तो पूरा शरीर तंदुरुस्त नहीं रहेगा!

लेकिन हम आपको बता रहे हैं कुछ घरेलू उपाय जो आपके मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करेंगे 

  1.  खट्टे फलों का सेवन अधिक करें, उनमें विटामिन सी होता है जो मसूड़ों के लिए अच्छा होता है. कई बार विटामिन सी की कमी से भी मसूड़ों से खून आ सकता है.
  2.  दांतों और मसूड़ों के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है, इसलिए कैल्शियम युक्त चीजें खाएं-पिएं जैसे दूध आदि.
  3.  कच्ची सब्जियां खाने से भी मसूड़े स्वस्थ रहते हैं और दांतों की चमक भी बरकरार रहती है.
  4.  मसूड़ों की समस्या होने पर बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें और उससे मसूड़ों की हल्की मसाज करें. बेकिंग सोडा में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है जिससे मुंह तो साफ होता है ही, साथ ही मुंह की बदबू भी समाप्त हो जाती है.
  5.  लौंग को मुंह में रखना भी मसूड़ों के लिए फायदेमंद होता है! लौंग के तेल से मसूड़ों की मालिश करने से भी मसूड़े तो स्वस्थ होते हैं.
  6. फल साबुत खाएं और बच्चों को भी खाने की आदत डालें.  यानी सेव या अमरूद काटकर खाने के बजाय पूरा खाएं. भुट्टे के दाने अलग करके न खाएं बल्कि साबुत भुट्टा खाएं.

दाँतों और मसूड़ों की सही तरह से और नियमित तौर पर खुद साफ-सफाई करना, इसे रोकने का सबसे बढ़िया तरीका है. तो आइये जानते हैं की कौनसे हैं वो तरीके – 

(1) दिन में कम-से-कम दो बार ब्रश कीजिए. कुछ लोगों को बार-बार यानी हर बार खाने के बाद ब्रश करना पड़ सकता है, ताकि मसूड़ों की बीमारी को रोका जा सके.

(2) मुलायम ब्रश का इस्तेमाल करें जिसके बाल (ब्रिसल्स) छोटे-छोटे हों.

(3) हर दिन सावधानी से दाँतों और मसूड़ों के बीच सफाई कीजिए. चाहे तो डेंटल फ्लॉस या ज़रूरी हो तो कोई दूसरी चीज़ इस्तेमाल कीजिए, जैसे खास तौर पर दाँतों के बीच सफाई करने के लिए तैयार किया गया ब्रश या टूथपिक.

अब जानते हैं कुछ घरेलू उपाय – 

(1) ग्रीन टी- अगर आप ग्रीन टी पीने के शौकीन है तो आपके इसका सेवन करना चाहिए. अगर आपके मसूड़ो अपनी जगह से हट रहे तो आपको ग्रीन टी पीना चाहिए, इसको पीने से आपके मसूड़ों में मजबूती आती है.

(2) समुद्री नमक का घोल बनाएं- समुद्री नमक की थोड़ी मात्रा को एक कप गुनगुने पानी में मिलायें. इस घोल के एक घूँट को अपने मुंह में 30 सेकंड तक कुल्ला करें और थूक दें. इस प्रक्रिया को अनेक बार दोहराएं. इससे कुल्ला करने से आपकी समस्या खत्म होगी.

(3) थोड़ा सा शहद मसूड़ों पर लगाएं- आपको बता दे कि शहद आपके मसूड़ों को अपनी जगह छोड़ेने बचाता है. शहद में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरीअल और एंटीसेप्टिक तत्व हैं, जिसका लाभ आप अपने संक्रमित मसूड़े के इलाज में उठा सकते हैं.

(4) करौंदे का जूस पीएं- क्रैनबेरी जूस बैक्टीरिया को दांतो में चिपकने से रोकता है, इसलिए लगभग 120 मिली मिठास रहित क्रैनबेरी जूस प्रतिदिन पीने का प्रयास करें. इससे आपके मसूड़े मसबूत होते है. ये इसको इनकी जगह नहीं छो़ड़ने देता है.

(5) नींबू का पेस्ट बनाएं- एक नींबू के रस में थोड़ा नमक मिला कर पेस्ट बना लें. इसे अच्छे से मिलाएं और अपने दांतो पर लगाएं. कुछ मिनट छोड़ने के बाद गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें ! ये भी आपके मसूड़ों को मजबूत बनाता है.

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